जयपुर, 30 अगस्त (Udaipur Kiran) । ठाकुर श्रीजी की प्रियाजु राधा किशोरी जी का जन्मोत्सव भाद्रपद शुक्ल अष्टमी रविवार को राधा अष्टमी के रूप में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तरह धूमधाम से मनाया जाएगा। छोटीकाशी के सभी कृष्ण मंदिरों में राधा अष्टमी उत्सव के रूप में भक्ति भाव से मनाई जाएगी। शनिवार को आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। मुख्य आयोजन गोविंद देवजी मंदिर में होगा। शनिवार को बंगाली महिला मंडल की ओर से अष्टप्रहर नाम संकीर्तन शुरू हुआ। यह लगातार 24 घंटे जारी रहेगा।
मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि सुबह मंगला झांकी के बाद मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में राधा जी का 121 किलो पंचामृत, सर्वोषधि और केसर जल से अभिषेक किया जाएगा। पंचामृत तैयार करने में 80 किलो दूध, 30 किलो दही, दो किलो बूरा, एक किलो शहद, एक किलो घी और शेष केसर जल का उपयोग किया जाएगा। करीब 45 मिनिट तक अभिषेक का क्रम चलेगा। इससे पूर्व शालिग्रामजी और तिथि पूजन संपन्न होगा। अभिषेक के दौरान राधाजी को ठाकुरजी से आगे लाया जाएगा। राधाजी के जन्माभिषेक के समय ठाकुरजी के दर्शन नहीं होंगे। धूप झांकी में छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी तथा अधिवास पूजन होगा। श्रृंगार झांकी में मुख्य जन्मोत्सव पूजन होगा। खीरसा, रबड़ी कुल्हड़, सागारी लड्डे, पंजीरी लड्डू का भोग लगाया जाएगा। इसी झांकी में बधाइयां गाईं जाएंगी। मंदिर और भक्तों की ओर से फल, खिलौने, टॉफी, चॉकलेट की 51 टोकरियां भक्तों में लुटाई जाएगी। शाम को श्रृंगार झांकी में राधा रानी ठाकुरजी संग फूलों के गोविंद महल में विराजमान होकर दर्शन देंगी। महिला मंडल की ओर से बधाइगान और उछाल होगी। गोविंद देवजी मंदिर के सभी मातहत मंदिरों में भी राधाष्टमी मनाई जाएगी।
पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथ जी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्न्निध्य में तथा चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में राधाष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। चौड़ा रास्ता के मदन गोपाल जी और त्रिपोलिया गेट के सामने स्थित विनोदी लाल जी मंदिर में भी राधाष्टमी महोत्सव भक्तिभाव से मनाया जाएगा।
लाड़ली जी मंदिर में होंगे राधाजी के चरण दर्शन
रामगंज बाजार स्थित मंदिर श्री लाड़ली जी में ललित संप्रदायाचार्य मंहत संजय गोस्वामी के सानिध्य में राधाष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुबह साढ़े पांच बजे अरुणोदय की वेला के समय श्री राधाजी का जन्माभिषेक होगा।
इसके बाद पंचामृत प्रसाद वितरण होगा सुबह 8:30 बजे धूप आरती में चरण दर्शन होंगे। यह चरण दर्शन केवल राधाष्टमी को ही होते हैं।
सुबह 9:30 बजे श्रृंगार आरती और पालना दर्शन होंगे। अपराह्न 3 से शाम 6 बजे तक पालना दर्शन हेरी समाज, ग्वारिया समाज, दधिकांदो उत्सव होगा। बधाइगान के साथ फल, वस्त्र, खिलौने, टॉफी की उछाल की जाएगी। शाम 7 से रात्रि 11 बजे तक दर्शन पालना झांकी, बधाईयां, भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा।
किशोरी जी को हल्का गर्म दूध, केसर, पिस्ता, बादाम युक्त मक्खन, रबड़ी, खीरसा, गुलाब सकरी, मिश्री मावा , बर्फी और लड्डू सहित अनेक व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।
सरस निकुंज में आचार्यों की बधाइयों से रिझाएंगे किशोरीजी को
सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की प्रधान पीठ श्री सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में राधाष्टमी पर्व मनाया जाएगा। सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि सुबह वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ किशोरी जी का अभिषेक किया जाएगा। शाम को श्री शुक संप्रदाय के आचार्यों की वाणी जी में संकलित विशेष पदों का गायन होगा। वैष्णव परिकर सखी का स्वरूप धारण कर किशोरी जी को रिझाएंगे। सरस बधाइयों का यह सिलसिला काफी देर तक चलेगा। इस दौरान जमकर उछाल की जाएगी।
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(Udaipur Kiran)
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