जोधपुर, 30 अगस्त (Udaipur Kiran) । माता का थान थाने में करीब डेढ़ माह पहले पांच पुलिसकर्मियों द्वारा युवकों को लाकर उनके साथ लूट करने के मामले में फरार पांचवे पुलिसकर्मी को जोधपुर पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई हैं। जिसके चलते थक हारकर पुलिस को निलंबित चल रहे इस पुलिसकर्मी पर 15 हजार का इनाम घोषित करना पड़ा हैं।
डीसीपी अमित जैन ने शनिवार को एक आदेश जारी कर कमिश्नरेट के जिला पश्चिम के थाने सरदारपुरा के निलंबित होकर फरार चल रहे आरोपी कांस्टेबल ऋषभ सोउ पर 15 हजार का इनाम घोषित किया हैं। यह पहला मौका है जब जोधपुर में फरार चल रहे पुलिसकर्मी को पकडऩे में पुलिस के विफल होने के बाद इनाम घोषित किया गया हैं। उल्लेखनीय है कि माता का थान थाना में गत 14 जुलाई को थाने के चार कांस्टेबल जगमाल जाट, नृसिंह जाट राकेश पूनिया और लादूराम मेघवाल और सरदारपुरा थाने के ऋषभ ने मिलकर महामंदिर थाना निवासी दो युवकों का अपहरण कर लाए। थाने में ही उनसे करीब 11 लाख रुपए की वसूली की थी। जांच में सामने आया था कि जब यह घटना थाने में हुई तो थानाधिकारी भंवर सिंह जाखड़ भी मौजूद थे। इसकी पड़ताल के बाद उन्हें लाइन हाजिर किया गया है।
चार पुलिसकर्मी हुए थे बर्खास्त
इस घटना में शामिल माता का थान थाने के चारों पुलिस कांस्टेबल को पहले निलंबित किया गया। जांच के बाद तत्कालीन डीसीपी आलोक श्रीवास्तव ने चारों कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। जोधपुर में किसी मामले में एक साथ चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त का यह मामला था जो काफी चर्चित हुआ। महामंदिर थाना पुलिस ने लूट और अपहरण का मामला दर्ज किया जिसमें गिरफ्तार भी हुए। लेकिन नागौर के खींवसर थाना क्षेत्र निवासी ऋषभ सोऊ और दलाल पकड़े नहीं गए।
(Udaipur Kiran) / सतीश
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