भारत में लाखों लोगों ने जिस क्रिप्टो एक्सचेंज पर भरोसा करके अपनी मेहनत की कमाई लगाई,आज वो खुद सवालों के घेरे में है। खबर आ रही है कि भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक, WazirX,सिंगापुर से अपना कारोबार समेट कर फरार हो गया है। यह खबर उन लाखों भारतीय निवेशकों के लिए एक बड़े झटके की तरह है,जिनका पैसाWazirXमें लगा हुआ है।बात सिर्फ सिंगापुर छोड़ने की नहीं है। इससे भी ज़्यादा चिंता की बात यह है किWazirXने अब पनामा में एक नई कंपनी रजिस्टर की है।पनामा ही क्यों?यही है सबसे बड़ा खतरे का सिग्नलअब आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या बड़ी बात है,कंपनी एक जगह से दूसरी जगह तो जाती रहती है। लेकिन यहाँ मामला अलग है। पनामा को दुनिया भर में'टैक्स हैवन'के रूप में जाना जाता है। यह एक ऐसी जगह है,जहाँ कंपनियाँ अपनी असली कमाई,मालिकों के नाम और पैसों के लेन-देन को आसानी से छिपा सकती हैं। यहाँ के नियम-कानून बहुत ढीले हैं। किसी भी कंपनी का सिंगापुर जैसे एक मज़बूत वित्तीय केंद्र को छोड़कर पनामा जैसी जगह पर जाना,पहली नज़र में ही एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग है।क्या अब पैसा वापस नहीं मिलेगा?WazirXके इस कदम ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा कर दिया है कि जिन लोगों का पैसा एक्सचेंज में फंसा है,उनका क्या होगा?जब कोई कंपनी एक सही कानूनी ढांचे वाली जगह को छोड़कर एक ऐसी जगह चली जाए जहाँ कोई पारदर्शिता नहीं है,तो यह डर बढ़ जाता है कि वो अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।निवेशकों में यह खौफ बैठ गया है कि शायद अब वे अपना पैसा कभी निकाल ही न पाएं। जब से यह खबर सामने आई है,सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उनका पैसा डूब गया?कंपनी की तरफ से कोई साफ़ जवाब न आने से यह डर और भी गहरा होता जा रहा है।यह घटना क्रिप्टो बाजार के अनिश्चित स्वभाव को एक बार फिर उजागर करती है,जहाँ रातों-रात कोई भी एक्सचेंज गायब हो सकता है और निवेशकों के पास पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।
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